Archive for the ‘Hindi Poem’ Category

सारे जहा में गूजे एक ही नारा

bharat mata

एक प्रण कर के चल रहा हु

कि सारे जहा में गूजे एक ही नारा

भारत माता की जय हो भारत माता की जय हो

हो जय जयकार पुरे जहा में

होगा जब यह प्रण पूरा

तब भारत फिरसे विश्व गुरु कहा जायेगा

जैसा विश्व में भारत था पहले

उससे भी आगे बढ़ के दिखलायेगा

जय हो भारत माँ की, जय हो भारत के लाल

जय हो जय हो जय हो

जय हिन्द जय भारत

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कितना खुदगर्ज हो गया है ये इंसान

india
कितना खुदगर्ज हो गया है ये इंसान
राह में चलते रुस्वाइयों को देख कर
मुह मोड़ लेता है ये इंसान
जब घटती है घटना अपनों के साथ
तो रो – रो के दुसरो से
मदद की गुहार लगाता है ये इंसान
कितना खुदगर्ज हो गया है ये इंसान
काश दुसरो को भी अपने ही तरह समझता
राह चलते राहगीरो कि मदद करता
तो कितना अपनापन सा लगता
न जाने क्यों इतना खुदगर्ज हो गया है ये इंसान
मदद करता मदद करने कि सलाह देता
तो फिर कितना अच्छा होता
होता एक अखंड भारत का निर्माण
काश इंसान दुसरो को भी अपने ही तरह समझता
न जाने क्यों इतना खुदगर्ज हो गया है ये इंसान
अगर खुदगर्ज न होता तो कितना अच्छा होता
होता एक अखंड भारत का निर्माण
जय हिन्द जय भारत …. जय हिन्द जय भारत
जय हो भारत कि हिन्द सेना

देशभक्ति कविता

India Republic Day

ए मेरे वतन के लोगो

तुम साथ जरा मेरा दे दो

जो चल पड़े है…… विजय के पथ पे

तुम भी  साथ मेरे चल दो

जो होगी विजय हमारी ………….

तो हर जगह लहरेगी.. तिरंगा प्यारी

तुम साथ जरा दे दो, ए मेरे वतन के लोगो

आओ हो जाये हम सब एक…………..

दुश्मन न कर पाए कोई भेद

जीते हम हर जंग को

ए मेरे वतन के लोगो, तुम साथ जरा दे दो…….

ए मेरे वतन के लोगो

जरा भारत माँ को भी………

कुछ पल याद तो कर लो

ए मेरे वतन के लोगो, तुम साथ जरा दे दो

ए मेरे वतन के लोगो, तुम साथ जरा दे दो

वंदेमातरम् —-वंदेमातरम् —– जय हिन्द जय भारत 

« शहीदो को नमन  » 

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Life Style

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जब बचपन था, तो जवानी एक ड्रीम था… 


जब जवान हुए, तो बचपन एक ज़माना था… 


जब घर में रहते थे, आज़ादी अच्छी लगती थी…आज आज़ादी है, फिर भी घर जाने की जल्दी रहती है… 


कभी होटल में जाना पिज़्ज़ा, बर्गर खाना पसंद था… आज घर पर आना और माँ के हाथ का खाना पसंद है… 


स्कूल में जिनके साथ ज़गड़ते थे, आज उनको ही इंटरनेट पे तलाशते है… 


ख़ुशी किसमे होतीं है, ये पता अब चला है… 


बचपन क्या था, इसका एहसास अब हुआ है… 


काश बदल सकते हम ज़िंदगी के कुछ साल…काश जी सकते हम, ज़िंदगी फिर एक बार…!!